रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामला सामने आया है। आदिवासी क्षेत्र में कथित तौर पर हो रही अवैध पेड़ कटाई और खनन की शिकायत को राजभवन ने गंभीरता से लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजभवन छत्तीसगढ़ की ओर से खनिज साधन विभाग के सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले में तत्काल जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, अंतागढ़ के भैंसगांव गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके पारंपरिक आदिवासी क्षेत्र में अवैध तरीके से पेड़ों की कटाई के साथ-साथ खनन गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इस संबंध में गांव के दिनेश कुमार सलाम, गायता और अन्य ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिकायत करते हुए राजभवन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित कराया।
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद राजभवन ने मामले को गंभीर मानते हुए खनिज साधन विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के तहत आदिवासी क्षेत्रों को विशेष संरक्षण प्राप्त है। इन क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्यपाल पर भी होती है। ऐसे में यदि आदिवासी क्षेत्रों में संसाधनों के दोहन या अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायत मिलती है, तो राजभवन सीधे हस्तक्षेप कर सकता है।







