पहले से ही महंगे कमर्शियल सिलेंडर के कारण छोटे व्यापारियों के लिए काम चलाना मुश्किल हो गया है।
सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जो सड़क किनारे फूड स्टॉल, छोटे होटल, ढाबे, चाय-नाश्ते की दुकान या ठेला लगाकर खाना बेचते हैं। इन लोगों की रोज की कमाई से ही उनके परिवार का गुजारा चलता है। लेकिन अब कई जगहों पर कमर्शियल LPG सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही। कई छोटे होटल और फूड स्टॉल गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
कमर्शियल LPG सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, बेकरी और छोटे फूड कारोबार में किया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कमर्शियल सिलेंडर लेने वाले व्यापारी सरकार को 18 प्रतिशत GST भी देते हैं। यानी वे पूरा टैक्स देकर गैस खरीदते हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर गैस नहीं मिलना कई सवाल खड़े करता है। व्यापारियों का आरोप है कि गैस एजेंसियां अक्सर स्टॉक खत्म होने का हवाला देकर सिलेंडर देने से मना कर देती हैं, जिससे उनका काम ठप पड़ जाता है।
कई व्यापारिक संगठनों का कहना है कि गैस की सप्लाई में बड़े उद्योगों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता दी जा रही है। औद्योगिक हीटिंग, गोदाम और बड़े होटल-रेस्टोरेंट तक गैस की आपूर्ति जारी है, लेकिन छोटे दुकानदारों को सिलेंडर के लिए भटकना पड़ रहा है। यह स्थिति छोटे कारोबारियों के लिए और भी चिंता का विषय बन गई है।
सरकार ने शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं का कहना है कि इन नंबरों पर कॉल करने पर अक्सर लाइन व्यस्त रहती है या समाधान नहीं मिलता। ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए बनाई गई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है।
अगर जल्द ही कमर्शियल LPG की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो हजारों छोटे होटल, ढाबे और फूड स्टॉल बंद हो सकते हैं। इससे न केवल छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी बल्कि रोजगार पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इसलिए सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है, ताकि छोटे कारोबारियों को राहत मिल सके।
देश में रसोई गैस (LPG) को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। एक तरफ गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी ने छोटे कारोबारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले से ही महंगे कमर्शियल सिलेंडर के कारण छोटे व्यापारियों के लिए काम चलाना मुश्किल हो गया है।



