CAA को लेकर ममता पर भड़के हिमंत, कहा– असम आने पर असमिया और हिंदू-बंगाली नहीं करेंगे बख्शना

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

नई दिल्ली।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर करारा पलटवार करते हुए उन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी को केवल बंगाली भाषी मुस्लिमों की चिंता रहती है और यदि वह असम में इसी एजेंडे के साथ आती हैं तो असमिया और हिंदू-बंगाली उन्हें जवाब देंगे।

उन्होंने ममता बनर्जी से सवाल किया कि यदि उन्हें वास्तव में बंगालियों की फिक्र है तो उन्होंने अपने राज्य में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू क्यों नहीं किया?

भाषाई पहचान के मुद्दे पर राजनीतिक तकरार

गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए भाषाई पहचान का इस्तेमाल कर रही है। इसके जवाब में हिमंत सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनकी चिंता सभी बंगालियों के लिए है या केवल मुस्लिम बंगालियों तक सीमित है।

सरमा ने आरोप लगाया कि ममता की प्राथमिकता केवल एक वर्ग विशेष के लिए है, जबकि असम सरकार ने बंगाली हिंदुओं को न केवल सम्मान दिया है बल्कि उन्हें असमिया समाज में समाहित भी किया है।

CAA लागू नहीं करने पर उठे सवाल

सीएम सरमा ने कहा कि यदि ममता बनर्जी को बंगाली भाषी नागरिकों की वाकई चिंता है, तो उन्होंने बंगाल में CAA को अब तक लागू क्यों नहीं किया? असम में बंगाली-हिंदुओं की भाषा, संस्कृति और धर्म का पूरा सम्मान किया गया है, और वे समाज के हर स्तर पर सक्रिय हैं।

बंगालियों और असमियों में नहीं कोई मतभेद

सरमा ने यह भी कहा कि असम में बंगाली-हिंदू अपनी भाषा बोलते हैं, अपने त्योहार मनाते हैं और सांस्कृतिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र हैं। बंगाली भाषा को राज्य की सह-आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला है, खासतौर पर बराक घाटी में इसका विशेष महत्व है।

ममता के पुराने आरोपों का संदर्भ

ममता बनर्जी समय-समय पर भाजपा और केंद्र सरकार पर बंगाली भाषी प्रवासियों को “अवैध बांग्लादेशी” या “रोहिंग्या” बताकर निशाना बनाने का आरोप लगाती रही हैं। अब इस पर असम के सीएम ने तीखा जवाब दिया है और सीधा सवाल खड़ा किया है कि “आप बंगालियों की बात करती हैं, लेकिन CAA से पीछे क्यों हटती हैं?”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment