रायपुर।छत्तीसगढ़ की अस्मिता और अधिकारों को लेकर शुरू की गई ‘छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता रथयात्रा’ अब गांव-गांव जनसमर्थन जुटा रही है। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकली यह रथयात्रा आज कवर्धा जिले के कई गांवों से होकर गुजरी, जहां लोगों ने उत्साह के साथ स्वागत किया और बड़ी संख्या में सदस्यता ग्रहण की।
रथयात्रा झाड़ू टोला, डोरिया, नवापारा, जमुनिया, रणजीतपुर, विरेन्द्रनगर, हाथलेव, रणवीरपुर, कोहड़िया, अचानकपुर, चरभाठा, नवागांव, बाहनी, मड़मड़ा, घाटा और मैनपुरी सहित कई गांवों में पहुंची। ग्रामीणों ने ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ रथ की आरती उतारकर पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया।
यात्रा का नेतृत्व सर्व छत्तीसगढ़िया किसान मोर्चा के संचालक मंडल के सदस्य महेंद्र सिंह कौशिक, लालाराम वर्मा, जगदंबा साहू और गणेश कौशिक ने किया। सभाओं को संबोधित करते हुए किसान नेता महेंद्र सिंह कौशिक ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि महासमुंद के जिलाधीश और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज होगा।

वहीं रथयात्रा के प्रभारी लालाराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 25 वर्ष और छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा मिले 18 साल हो चुके हैं, इसके बावजूद करोड़ों छत्तीसगढ़ियों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया और चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने संगठन की सदस्यता लेकर आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प लिया। आयोजकों का दावा है कि आने वाले दिनों में यह यात्रा और व्यापक जनसमर्थन के साथ आगे बढ़ेगी।







