छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर राजधानी रायपुर आज रोमांच और गौरव के अनूठे संगम का साक्षी बना। नवा रायपुर के सेंद तालाब के ऊपर भारतीय वायुसेना की ‘सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम’ ने जबरदस्त एयर शो का प्रदर्शन किया। नौ हॉक एमके-132 जेट विमानों ने आसमान में उड़ान भरते हुए ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट इन द स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी आकर्षक फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। आसमान में उड़ते विमानों से जब तिरंगे रंग की धारा निकली, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति के भीतर देशभक्ति की भावना उमड़ पड़ी।
इस शो की कमान ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी के हाथों में रही, जिन्होंने पूरी टीम को बेहतरीन तालमेल और अनुशासन के साथ नेतृत्व दिया। छत्तीसगढ़ के गौरव पटेल, जो महासमुंद के रहने वाले हैं, भी सूर्यकिरण टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने बताया कि इस धरती पर पले-बढ़े होने के कारण यह शो उनके लिए बेहद खास है और वे अपने प्रदेश के लोगों के सामने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।
इस मौके पर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने “वॉयस ऑफ द स्काई” के रूप में कमेंट्री की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि छत्तीसगढ़ की बेटियां समझें कि महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि शक्ति का प्रतीक है। यदि वर्दी पहनना आपका सपना है, तो उसे कभी छोड़िए मत।
भारतीय वायुसेना ने इस शो में हॉक एमके-132 जेट्स का उपयोग किया, जो एडवांस जेट ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं। इन विमानों में 30 मिमी तोप, मिसाइल और बम ले जाने की क्षमता होती है, जो इन्हें प्रशिक्षण के साथ युद्ध के लिए भी सक्षम बनाती है।
एयर शो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। इस दौरान रायपुर एयरपोर्ट का रनवे बंद रहा और दिल्ली, लखनऊ, भुवनेश्वर तथा हैदराबाद की 5 उड़ानों को रीशेड्यूल किया गया। भारतीय वायुसेना ने इसे सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रेरणा का माध्यम बताया — ताकि युवा पीढ़ी अनुशासन, तकनीक और समर्पण के साथ देश सेवा का संकल्प लें।
आम जनता के लिए इस आयोजन में प्रवेश निःशुल्क रखा गया। साथ ही रायपुर शहर से नवा रायपुर राज्योत्सव स्थल तक आने-जाने के लिए फ्री बस सेवा की भी व्यवस्था की गई। रेलवे स्टेशन, तेलीबांधा, साइंस कॉलेज और अन्य प्रमुख स्थानों से बसें लगातार चलती रहीं, जिससे हजारों लोग इस ऐतिहासिक नज़ारे का हिस्सा बन सके।
आज का यह शो केवल विमानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि देश की शक्ति, तकनीक और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण था — जिसने छत्तीसगढ़ की धरती पर आकाश को तिरंगे रंग से भर दिया।







