छत्तीसगढ़ बजट 2026: किसानों और युवाओं को क्या मिलेगा?

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ की दिशा और दशा तय करने वाला सालाना बजट आज विधानसभा में पेश होने जा रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी दोपहर 12:30 बजे नया रायपुर अटल नगर स्थित नए विधानसभा भवन में वित्त वर्ष 2026-27 का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत करेंगे। यह पहला मौका होगा जब नए भवन में पूर्ण बजट भाषण होगा, इसलिए इसे प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि इस बार का बजट नई थीम और नए अंदाज़ में पेश किया जाएगा। प्रदेश के किसान, युवा, कर्मचारी, उद्योग जगत और सामाजिक योजनाओं से जुड़े वर्ग इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं।

बजट सत्र की पृष्ठभूमि

विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई, जिसमें उन्होंने प्रदेश की विकास संभावनाओं और सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार किस क्षेत्र को कितनी प्राथमिकता देती है और किन नई योजनाओं की घोषणा होती है।

विपक्ष भी पूरी तैयारी में है और आय-व्यय के आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा करने के मूड में है।

मुख्यमंत्री का संदेश: ‘मील का पत्थर’ साबित होगा बजट

बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ‘सुशासन से समृद्धि’ मॉडल को मजबूती देगा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम होगा।

सुशासन से समृद्धि की ओर…

विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला का बजट

आज हमारी सरकार का तीसरा बजट नवीन विधानसभा में प्रस्तुत होने जा रहा है। यह बजट हमारी सरकार के समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी…

— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 24, 2026

सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का जिक्र करते हुए भरोसा जताया कि यह बजट किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समाज को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

बजट सत्र का विस्तृत कार्यक्रम

इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं।

  • 26-27 फरवरी: बजट पर सामान्य चर्चा
  • 9 से 17 मार्च: विभागवार अनुदान मांगों पर विचार
  • 17 मार्च: विनियोग विधेयक का पुनर्स्थापन
  • 18 मार्च: चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया

सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं:

  • छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026
  • छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा उपाय प्रवर्तन विधेयक 2026

सदस्यों की सक्रियता भी इस बार खास नजर आ रही है। कुल 2813 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनमें 1437 तारांकित और 1376 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 13 अशासकीय संकल्प, 9 शून्यकाल सूचनाएं और 112 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं।

किन क्षेत्रों पर टिकी हैं उम्मीदें?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बजट में निम्न क्षेत्रों पर विशेष फोकस हो सकता है:

  • कृषि और ग्रामीण विकास
  • अधोसंरचना (सड़क, बिजली, सिंचाई)
  • स्वास्थ्य सेवाएं
  • शिक्षा और कौशल विकास
  • औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार

किसानों को समर्थन मूल्य और सिंचाई योजनाओं में राहत की उम्मीद है, वहीं युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और कौशल विकास योजनाओं से उम्मीदें हैं।

राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अहम

यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं का संकेत भी देगा। विपक्ष इसे जनता की अपेक्षाओं के पैमाने पर परखेगा, जबकि सरकार इसे विकास की नई इबारत के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में है।

नया विधानसभा भवन इस महत्वपूर्ण बजट का साक्षी बनेगा, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को दिशा दे सकता है।

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