देश में बुनियादी ढांचे को मजबूती देने और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कुल 12,236 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है, जिनमें रेलवे विस्तार, मेट्रो प्रोजेक्ट और एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण शामिल हैं।
इसके साथ ही एक अहम नीतिगत निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दे दी है।
रेलवे परियोजनाओं पर सबसे बड़ा फोकस
रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए सबसे अधिक राशि गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण पर खर्च की जाएगी। इस परियोजना के लिए 5,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह परियोजना मध्य भारत में रेल यातायात को तेज और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा:
- पुनरख–किऊल रेल लाइन की तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण के लिए 2,668 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- गम्हरिया–चांडिल सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन के लिए 1,168 करोड़ रुपये की मंजूरी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से माल और यात्री परिवहन दोनों को गति मिलेगी, साथ ही भीड़भाड़ में भी कमी आने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट और मेट्रो विस्तार को भी हरी झंडी
हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से श्रीनगर में 1,667 करोड़ रुपये की लागत से नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल बनाया जाएगा।
वहीं शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 विस्तार को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर 1,067 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कृषि और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है, जिसके लिए 430 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- ऊर्जा क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से नए पावर सेक्टर सुधारों को मंजूरी दी गई।
‘केरल’ से ‘केरलम’ — पहचान में बदलाव
एक प्रमुख नीतिगत निर्णय के तहत राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। माना जा रहा है कि यह कदम राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को सशक्त करने की दिशा में उठाया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने नई पीएमओ इमारत ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद इन फैसलों की जानकारी दी।
बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। इससे पहले पिछली कैबिनेट बैठक 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक स्थित पुराने पीएम कार्यालय में हुई थी।



