रायपुर। जिले में नशे के बढ़ते कारोबार और उसके समाज पर पड़ रहे असर को देखते हुए रायपुर पुलिस ने बड़ा और ठोस कदम उठाया है। अब जिले में “रायपुर जिला एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF)” का गठन कर दिया गया है। इस विशेष टीम का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाना, ड्रग नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।
इस टास्क फोर्स की कमान ACP (काईम) और साइबर विभाग के नोडल अधिकारी अनुज कुमार को सौंपी गई है, जबकि DCP क्राइम स्मृतिक राजनाला की मॉनिटरिंग में पूरी टीम काम करेगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह टीम लगातार खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई करेगी और नशे के कारोबार में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी।
कुल 10 पुलिसकर्मियों को इस विशेष दस्ता में शामिल किया गया है। टीम में 01 इंस्पेक्टर, 01 SI, 01 ASI, 03 हवलदार और 05 आरक्षक तैनात किए गए हैं। इनमें TI संजीव मिश्रा, SI अतुलेश राय, ASI प्रेमराज बारिक, हवलदार जयदेव सोम और सनेही नेताम के साथ कांस्टेबल विकास क्षत्री, भूपेंद्र मिश्रा, संदीप शर्मा, सुरेश बंजारा और प्रमोद सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। सभी को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं ताकि कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सके।
बताया जा रहा है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Prevention), नई दिल्ली के निर्देशों के बाद यह पहल की गई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की जा रही है। रायपुर पुलिस कमिश्नर ने इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह टीम जिले में नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाएगी और संगठित ड्रग सिंडिकेट पर सीधे प्रहार करेगी। प्रशासन की यह पहल नशा मुक्त रायपुर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







