नई दिल्ली। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने शनिवार को एक साथ कई शहरों में सुनियोजित और बड़े हमले कर सुरक्षा तंत्र को चुनौती दे दी। BLA के जियंद गुट ने इन हमलों को “ऑपरेशन हेरोफ़” का दूसरा चरण करार दिया है।
जानकारी के मुताबिक, क्वेटा, ग्वादर, मस्तंग, नुश्की, कलात, पसनी समेत 10 से अधिक इलाकों में पुलिस थानों, सरकारी इमारतों और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया। कई स्थानों पर विद्रोहियों ने पुलिस थानों पर कब्जा कर लिया, जिससे कुछ कैदियों के फरार होने की भी खबरें सामने आई हैं।
राजधानी क्वेटा में सुबह करीब 6 बजे तेज धमाकों के साथ हमले की शुरुआत हुई। इसके बाद घंटों तक गोलीबारी और विस्फोटों की आवाज़ें गूंजती रहीं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि आम जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया।
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में अब तक 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं पाकिस्तान सरकार का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में 58 विद्रोहियों को मार गिराया गया है। बलूचिस्तान सरकार के सलाहकार शाहिद रिंद ने दावा किया है कि पिछले 48 घंटों में सुरक्षा बलों ने 70 से अधिक विद्रोहियों को ढेर किया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। साथ ही, पूरे बलूचिस्तान के सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने रेलवे ट्रैक के पास से IED, एंटी-टैंक माइन और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है, जिसे समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया।
इस बीच BLA प्रमुख बशीर ज़ेब बलूच ने एक वीडियो संदेश जारी कर बलोच जनता से सड़कों पर उतरने और पाकिस्तानी शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष तेज करने की अपील की है। फिलहाल कई इलाकों में क्लियरेंस ऑपरेशन जारी है और पूरे प्रांत में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।







