अश्लील सीडी मामले में भूपेश बघेल की बढ़ीं मुश्किलें, CBI कोर्ट ने बरी करने का आदेश किया रद्द

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

रायपुर।छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बहुचर्चित अश्लील सीडी कांड में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। CBI की विशेष अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें भूपेश बघेल को राहत दी गई थी। अब इस प्रकरण में पूर्व सीएम को ट्रायल का सामना करना होगा, जब तक कि उन्हें उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिल जाती।

2017 के मामले में अहम मोड़

यह मामला वर्ष 2017 का है, जब तत्कालीन PWD मंत्री राजेश मूणत से जुड़े कथित अश्लील वीडियो के सामने आने से प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया था। इस मामले में पहले निचली अदालत ने भूपेश बघेल को बरी कर दिया था, लेकिन CBI की विशेष अदालत ने उस फैसले को पलटते हुए नया मोड़ दे दिया है।

 अन्य आरोपियों की अपील भी खारिज

CBI कोर्ट ने इस केस में सह-आरोपी कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा और विजय भाटिया द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ दाखिल अपीलों को भी खारिज कर दिया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि सभी आरोपियों को अब न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा।

 दो FIR के बाद CBI को सौंपी गई जांच

इस प्रकरण में वर्ष 2017 में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई थीं। एक शिकायत तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत की ओर से और दूसरी भाजपा नेता प्रकाश बजाज द्वारा दर्ज कराई गई थी। बाद में तत्कालीन भाजपा सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी। जांच पूरी होने के बाद CBI ने एक मुख्य और एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।

 पूर्व मुख्यमंत्री पर क्या हैं आरोप?

CBI के अनुसार, उस समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने कथित फर्जी अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर राजेश मूणत की छवि धूमिल करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश की।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment