सुकमा। उत्तर प्रदेश में आयोजित माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों के साथ हुए कथित दुव्यवहार को लेकर सुकमा जिला मुख्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेसवार्ता आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा ने कहा कि आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे साधु-संतों के साथ प्रशासन का रवैया निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धर्मगुरु और उनके अनुयायियों के साथ हुआ व्यवहार धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
हरीश कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी धर्म को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा स्वयं को धर्म की संरक्षक बताती है, तो इस घटना पर उसकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह मामला केवल एक संत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदू धर्म की रक्षा का दावा करने वाले संगठनों की प्रतिक्रिया अब तक क्यों नहीं आई।
लखमा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही या बदसलूकी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी ने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।







