रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों से जुड़े सवालों ने सदन का तापमान बढ़ा दिया।
प्रश्नकाल में साइबर अपराध का मुद्दा छाया रहा। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन अभी तक विशेषज्ञों की नियुक्ति नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश लोग यह तक नहीं जानते कि साइबर थाना कहां स्थित है। उन्होंने एआई डाटा और एनसीआरबी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 16,000 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि रायपुर में कम्पोजिट साइबर भवन मौजूद है, विशेषज्ञों की नियुक्ति प्रक्रिया में है, और कुछ विशेषज्ञ ट्रेनिंग लेकर कार्यरत भी हैं। उन्होंने कहा, “एआई के आंकड़ों पर अंधा विश्वास न करें, हम अधिक विश्वसनीय आंकड़े दे रहे हैं।” उन्होंने बताया कि 1301 प्रकरण दर्ज हुए हैं और जनवरी 2024 से जून 2025 तक सात आरोपियों को जेल भेजा गया है।
विपक्ष ने साइबर विशेषज्ञ और आईजी स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की मांग दोहराई। विधायक राजेश मूणत ने कहा कि अब तक 107 करोड़ की राशि ठगी जा चुकी है, लेकिन केवल 3 करोड़ ही रिकवर हो पाए हैं। विजय शर्मा ने जवाब में कहा कि धन वापसी की प्रक्रिया कोर्ट के माध्यम से होती है और आईजी स्तर का अधिकारी नियुक्त किया जा चुका है।
विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि साइबर अपराध रोकने के लिए कितने कमांडो तैनात किए गए हैं और विशेषज्ञों की नियुक्ति कब तक पूरी होगी। इस पर मंत्री ने बताया कि विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रियाधीन है।
विधानसभा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठा सवाल। मेकाहारा अस्पताल में स्थापित 161 मशीनों में से 50 मशीनों के खराब होने का मामला सदन में उठाया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब में कहा कि 26 मशीनों और 13 मशीनों की खरीदी अलग-अलग मदों से की जा रही है। उन्होंने बताया कि कैंसर ट्रीटमेंट के लिए लाई गई 20 करोड़ की लागत वाली ‘पेट स्कैन मशीन’ की खरीदी पिछली कांग्रेस सरकार के समय बिना अनुमति हुई थी, जिसकी जांच चल रही है। मंत्री ने कहा कि यह मशीन और आठ साल से बंद पड़ी अन्य मशीनें जल्द चालू की जाएंगी।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि कैंसर विभाग की दो मशीनें चालू हो जाती हैं, तो यह अस्पताल कैंसर इलाज के मामले में मध्यप्रदेश से भी आगे निकल जाएगा।







