रायपुर। छत्तीसगढ़ में ठंड एक बार फिर तेवर दिखाने लगी है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय घनी धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले तीन दिनों में राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।
रविवार सुबह रायपुर में कई इलाकों में 11 बजे तक धुंध का असर देखा गया। हालांकि, इसका रेल और हवाई यातायात पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक सभी उड़ानें तय समय पर संचालित होती रहीं।
प्रदेश के सबसे ठंडे इलाके का तमगा इस बार अंबिकापुर से खिसककर पेंड्रा पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम रहा। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से 1.2 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ।
राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा रहा। इसी तरह बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर और जगदलपुर में भी न्यूनतम तापमान में 1 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बिलासपुर में बदला मौसम का मिजाज
न्यायधानी बिलासपुर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रविवार को न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर कहीं ज्यादा महसूस किया गया। रात में चली ठंडी हवाओं और सुबह कोहरे की मौजूदगी ने लोगों को फिर से अलाव और गर्म कपड़ों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया।
बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद भले ही तापमान में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन हवा की ठंडक ने सिहरन बढ़ा दी है। सुबह हल्का कोहरा और दिन में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप में भी गर्माहट नहीं महसूस हुई।
सर्द हवाओं ने बढ़ाया ठंड का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार ठंड का असर सिर्फ तापमान नहीं, बल्कि तेज सर्द हवाओं के कारण ज्यादा महसूस हो रहा है। रात के समय हवा शरीर की गर्मी तेजी से कम कर रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि सुबह और रात में गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढककर रखें तथा खानपान में गर्म और सुपाच्य भोजन को शामिल करें।







