रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें रिहाई की अनुमति दे दी है।
यह जमानत ईओडब्ल्यू-एसीबी (EOW-ACB) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े दोनों मामलों में मंजूर की गई है। चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट ने सभी तथ्यों पर सुनवाई के बाद जमानत आदेश पारित किया है।
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया था। शराब घोटाला केस को छत्तीसगढ़ की राजनीति से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ माना जाता है, खासकर सत्ता परिवर्तन के बाद जांच की रफ्तार तेज होने के कारण।
हाईकोर्ट के इस फैसले को न सिर्फ कानूनी दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि इसका असर राज्य की सियासत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जमानत मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।



