झीरम घाटी पर नड्डा के बयान से सियासत गरमाई, सबूत दें या शहीदों से माफी मांगें: सिंहदेव

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान पर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने नड्डा के बयान को बेहद हैरान करने वाला और पीड़ादायक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

सिंहदेव ने कहा कि यदि जेपी नड्डा के पास झीरम घाटी हमले से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें देश के सामने लाना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। अन्यथा, इस तरह के गंभीर आरोप लगाने के लिए उन्हें झीरम हमले में शहीद हुए नेताओं और कांग्रेस परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

जेपी नड्डा के बयान से मचा विवाद

दरअसल, जांजगीर-चांपा में आयोजित एक रैली के दौरान जेपी नड्डा ने दावा किया था कि झीरम घाटी कांड में कांग्रेस के कुछ लोग अपने ही नेताओं को मरवाने के लिए नक्सलियों के संपर्क में थे। इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर शहीदों के अपमान का आरोप लगाया है।

“जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं?”

टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि एक केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नड्डा को यह पता है कि झीरम हमले के पीछे कौन था, तो अब तक किसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

उस समय रक्षक कौन था?

सिंहदेव ने कहा कि नड्डा जी को यह भी याद रखना चाहिए कि झीरम हमले के समय राज्य में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार थी। सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस और अर्धसैनिक बल सीधे उसी सरकार के अधीन थे। ऐसे में अपनी ही सरकार की नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।

राजनीति नहीं, न्याय चाहिए

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि झीरम घाटी जैसी भयावह घटना को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना और वर्षों बाद इस तरह के आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं है। यदि सच में जानकारी है तो कार्रवाई होनी चाहिए, वरना शहीदों के सम्मान से खिलवाड़ बंद होना चाहिए।

परिवर्तन यात्रा से जुड़ा है सिंहदेव का नाम

गौरतलब है कि झीरम घाटी हमला कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान हुआ था। उस यात्रा के संयोजक स्वयं टीएस सिंहदेव थे। हमले से कुछ समय पहले वे झीरम घाटी से आगे निकलकर आगामी कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने गए थे। कुछ देर बाद ही उन्हें इस भीषण नक्सली हमले की सूचना मिली थी।

सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि झीरम घाटी का सच सामने आना चाहिए, लेकिन शहीदों का अपमान कर राजनीति करना छत्तीसगढ़ कभी स्वीकार नहीं करेगा।

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