बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सार्वजनिक और आधिकारिक कार्यक्रमों में अब मीडिया की मौजूदगी नहीं होगी। सरकार की ओर से लिए गए इस फैसले के तहत पत्रकारों के प्रवेश पर रोक लगाई जा रही है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थलों पर मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटो खींचने को लेकर भी कड़े नियम लागू किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह फैसला कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखने और अनधिकृत रिकॉर्डिंग पर नियंत्रण के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि इस निर्णय को लेकर अभी तक सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक और मीडिया जगत में इस कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया की भूमिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर विपक्ष और पत्रकार संगठनों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।







