महासमुंद में जिलाधीश की गैरमौजूदगी से भड़के किसान, महतारी प्रतिमा पुनः स्थापित करेंगे: अनिल दुबे

Madhya Bharat Desk
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महासमुंद। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे और आंदोलनकारी किसानों ने आज जिलाधीश महासमुंद विनय कुमार लंगेह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डीएम ने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाने, महतारी विवाद और अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए बुलाकर स्वयं बैठक से गायब होकर किसानों को ठगा है। किसान मोर्चा के अनुसार सत्याग्रही किसान दोपहर 12.30 बजे से डीएम कार्यालय पहुंच गए थे, परंतु देर शाम 3 बजे तक न जिलाधीश उपस्थित हुए और न ही उनका मोबाइल संचालित था। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि बैठक के बजाय जिलाधीश सिरपुर क्षेत्र में निजी कंपनियों को सरकारी भूमि दिखाने में व्यस्त थे।

अनिल दुबे ने कहा कि अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट और मुख्यमंत्री के आदेश होते हुए भी जिलाधीश लगातार टालमटोल करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी जनदर्शन कार्यक्रम में डीएम किसानों के पहुंचते ही पिछले दरवाजे से निकल जाते थे, जबकि उनके स्थान पर उपस्थित अधिकारियों ने बार-बार संबंधित विभागों को कार्रवाई निर्देशित किए, परंतु अधिकारी कंपनी के हित में काम करते दिखे। किसानों ने बताया कि हाईकोर्ट को भेजी गई शिकायत भी अब तक न तो दर्ज हुई और न ही उसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर को 24 फीट क्षेत्र में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हटाने के लिए डीएम ने अवैध करणी कृपा कंपनी से मशीन और वाहन लेकर कार्रवाई करवाई। इसे वे अपनी अस्मिता पर सीधा हमला बता रहे हैं। मोर्चा ने घोषणा की है कि वे न्यायालय और जनता के समर्थन से जिलेभर में गांव-गांव आरती, पूजा, अर्चना और कलश यात्राओं के माध्यम से महतारी प्रतिमा को पुनः स्थापित करेंगे।

आज डीएम कार्यालय के बाहर उपस्थित प्रमुख सत्याग्रही महिला किसान नेत्रियों में राधाबाई सिन्हा, श्यामबाई ध्रुव, खेमिन साहू, ठगनबाई सिन्हा, रुक्मणि यादव, पुस्वईया धिवर सहित प्रदेश किसान नेता छन्नू साहू, जिला संगठन प्रभारी एवं सत्याग्रह आंदोलनकारी प्रभारी अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, धर्मेंद्र यादव, तोषण सिन्हा, पूनऊ सिन्हा, रोशन यादव, टिकेलाल जलक्षत्रि और विसऊहा यादव शामिल रहे। किसानों का कहना है कि जिलाधीश अब भी किसानों के सवालों से बच रहे हैं और तीन दिन के भीतर फसल खराबी एवं महतारी प्रतिमा प्रकरण पर स्पष्ट जवाब न मिलने पर आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।

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