छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी दफ्तरों के कामकाज को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया कदम उठाया है। 1 दिसंबर से मंत्रालय में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति उंगली के निशान या मोबाइल से फेस वेरिफिकेशन करके दर्ज करनी होगी।
शुरू में यह व्यवस्था अपर सचिव और उनसे ऊपर के अधिकारियों पर लागू होगी। जनवरी से इसे संचालनालयों और फिर जिले के सभी सरकारी दफ्तरों में लागू करने की तैयारी है। इस सिस्टम से कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट दोनों दर्ज होगी।
सरकार का कहना है कि कई बार दफ्तरों में देर से आना, समय से पहले चले जाना या बीच में गायब रहने जैसी समस्याएँ सामने आती थीं। नई व्यवस्था से इन आदतों पर रोक लगेगी और उपस्थिति की निगरानी आसानी से हो सकेगी।
बायोमेट्रिक हाजिरी से रिकॉर्ड बिल्कुल सही बनेगा, केवल अधिकृत व्यक्ति ही दफ्तर में प्रवेश कर सकेंगे और कामकाज में अनुशासन और पारदर्शिता आएगी। इससे सरकारी काम तेज, सही और समय पर हो सकेगा।







