रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के आधिकारिक अध्ययन दौरे पर पुदुचेरी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) के कुलपतियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया।
बैठक में पुदुचेरी सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग), ऑरोविले फाउंडेशन, पुदुचेरी विश्वविद्यालय, पुदुचेरी तकनीकी विश्वविद्यालय और एनआईटी पुदुचेरी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उच्च शिक्षण संस्थानों में बजट, रिक्त पदों की भर्ती, संविदा कर्मचारियों की स्थिति, आरक्षण नीति के क्रियान्वयन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने में आ रही चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में संस्थानों के प्रशासनिक और आधारभूत ढांचे से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी विचार-विमर्श हुआ। वहीं ऑरोविले फाउंडेशन की गतिविधियों और उसके विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी और गुणवत्तापूर्ण बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा मंत्री रहते हुए स्थानीय युवाओं की जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया था। पुदुचेरी के अध्ययन दौरे से मिले अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक विकास और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में भी लिया जाएगा।
बैठक से पहले संसदीय समिति ने अध्यक्ष मुकुल वासनिक के नेतृत्व में ऑरोविले फाउंडेशन का भ्रमण किया। समिति ने यहां संचालित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा कलरिपयट्टू सेंटर और ऑरोविले के प्रायोगिक शिक्षण संस्थान ‘लास्ट स्कूल’ का भी दौरा किया, जहां नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली, कला, खेल और बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी ली गई।
इस अध्ययन दौरे में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक सहित टी. सुमति, रेखा शर्मा, स्वाति मालीवाल, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, जितेंद्र कुमार दोहरे, कामाख्या प्रसाद तासा, जियाउर रहमान, कांस्टैंडाइन रविंद्रन, भीम सिंह, सिकंदर कुमार और दर्शन सिंह चौधरी समेत अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।







