छत्तीसगढ़ में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पिछले तीन से चार दिनों में ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान अचानक 1–4°C तक बढ़ गया है, जिसके बाद ठंड की तीव्रता कम महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद पारा 2–3°C तक नीचे जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज़ी से तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण Hypothermia का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को कम से कम दो लेयर कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
दुर्ग सबसे ठंडा रहा, रायपुर में भी बढ़ी ठिठुरन
मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडे स्थान के रूप में दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 10°C से सीधे 14.2°C तक पहुंच गया। रायपुर में भी 13°C से बढ़कर 16.4°C तक दर्ज किया गया है।
पिछले 24 घंटों में राज्य का अधिकतम तापमान 31.5°C (रायपुर) और न्यूनतम 10°C (अंबिकापुर) रिकॉर्ड किया गया। चार दिन पहले अंबिकापुर का तापमान 6°C तक पहुंच गया था, जो पिछले एक दशक में नवंबर में पहली बार इतना कम दर्ज हुआ था।
रायगढ़ में लोगों की सुविधा के लिए 9 स्थानों पर अलाव की व्यवस्था
कड़ाके की ठंड से राहत देने के लिए रायगढ़ नगर निगम ने शहर के 9 पॉइंट्स पर अलाव की सुविधा शुरू की है—
मेडिकल कॉलेज (2 स्थान), चक्रधर नगर ऑटो पार्किंग, रामनिवास टॉकीज चौक, रेलवे स्टेशन, अशर्फी देवी अस्पताल, जिला अस्पताल, केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, मिनी माता चौक और शनि मंदिर।
रात के समय यहां सबसे ज्यादा आवाजाही होती है, इसलिए अलाव से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल रही है।
ग्रामीण इलाकों में ज्यादा ठंड महसूस
ग्रामीण व जंगल क्षेत्रों—लैलूंगा, कापू, छाल और धरमजयगढ़ में शहरी इलाकों की तुलना में ज्यादा ठंड पड़ी। सूर्यास्त के बाद लोग घरों में दुबक जाते हैं और बचाव के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।



