भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन कर एक बार फिर अपने क्लास का परिचय दिया। लंबे अंतराल के बाद मैदान पर लौटे रोहित ने बताया कि उन्होंने इस सफलता के लिए कितनी गंभीर तैयारी की थी।
रोहित ने आईपीएल 2025 के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला था। ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले उन्होंने खुद को पूरी तरह अभ्यास में झोंक दिया। परिणामस्वरूप उन्होंने एडिलेड में अर्धशतक और सिडनी में नाबाद शतक जड़कर भारत को क्लीन स्वीप से बचाया।
रोहित बने प्लेयर ऑफ द सीरीज
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2-1 से हराया, लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी ने फैंस का दिल जीत लिया। अपनी निरंतरता और मैच फिनिशिंग क्षमता के चलते रोहित को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरी तैयारी और सकारात्मक सोच को दिया।
रोहित बोले – “समझ आया करियर में आगे क्या करना है”
बीसीसीआई से बातचीत में रोहित ने कहा,
“जब से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया है, मुझे कभी इतनी लंबी तैयारी का मौका नहीं मिला। इस बार मैंने 4-5 महीने का पूरा उपयोग किया। अपनी शर्तों पर तैयारी की और इससे मुझे यह समझ आया कि मुझे अपने करियर के बाकी हिस्से में क्या करना चाहिए।”
उन्होंने कहा,
“ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं, लेकिन मैं पहले भी कई बार यहां खेल चुका हूं। इस बार का अंतर सिर्फ मानसिक तैयारी और लय का था। मैंने खुद को समय दिया, अपनी फिटनेस और तकनीक पर ध्यान दिया, और यही मेरी सफलता की कुंजी रही।”
कोहली के साथ साझेदारी पर बोले रोहित
रोहित ने विराट कोहली के साथ अपनी शानदार साझेदारी को लेकर कहा,
“दो नई गेंदों के साथ शुरुआत मुश्किल थी, लेकिन हमें पता था कि जैसे-जैसे गेंद पुरानी होगी, रन बनाना आसान हो जाएगा। काफी समय बाद कोहली के साथ 100 रन की साझेदारी करना शानदार अनुभव था। टीम के नजरिए से भी यह बेहद जरूरी थी।”
अनुभव का किया सही उपयोग
रोहित ने आगे कहा,
“शुभमन गिल जल्दी आउट हो गए और श्रेयस अय्यर चोट के कारण नहीं खेल रहे थे, इसलिए जिम्मेदारी हम पर थी। कोहली के साथ खेलना हमेशा आनंददायक होता है। हम दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, और मैदान पर हमारे बीच अच्छी बातचीत होती रही। यही अनुभव हमें मैच में आगे ले गया।”







