भिलाई के स्मृति नगर क्षेत्र में इन दिनों नगर निगम और गृह निर्माण सोसाइटी के बीच चल रहा विवाद आम नागरिकों के लिए सिरदर्द बन गया है। इस रस्साकशी का खामियाजा अब स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कूड़ा उठाने से लेकर सड़कों की सफाई तक, सभी मूलभूत सुविधाएँ ठप हो चुकी हैं।
विडंबना यह है कि हर घर के बाहर टैक्स भुगतान के लिए क्यूआर कोड तो लगा दिया गया है, लेकिन ऐसा कोई सिस्टम नहीं जिससे नागरिक अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकें। जबकि निवासी नियमित रूप से टैक्स, यूजर चार्ज और मेंटेनेंस फीस का भुगतान कर रहे हैं, फिर भी जवाबदेही का अभाव बना हुआ है।
राजनीतिक खींचतान से बिगड़ी व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार, सोसाइटी और निगम के बीच यह विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ असंतुष्ट लोगों द्वारा सोसाइटी के चुनाव में हार के बाद व्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसी के चलते नगर निगम ने समिति के क्षेत्र का नियंत्रण अपने अधीन लेने का आदेश पारित कर दिया है।
व्यवस्थित कॉलोनी की छवि पर धब्बा
स्मृति नगर अब तक छत्तीसगढ़ की सबसे व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित कॉलोनियों में से एक मानी जाती रही है। यहां सफाई, लाइटिंग, कचरा प्रबंधन और पानी की आपूर्ति जैसी सुविधाएँ उच्च मानकों पर चल रही थीं। लेकिन हालिया विवाद ने इस कॉलोनी की छवि को धूमिल कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों की मांग
निवासियों का कहना है कि जिम्मेदार संस्थाओं के बीच खींचतान का खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए। वे चाहते हैं कि नगर निगम और समिति आपसी मतभेद छोड़कर सुविधाओं को प्राथमिकता दें, ताकि स्मृति नगर फिर से अपनी पुरानी पहचान — “व्यवस्थित और स्वच्छ कॉलोनी” — हासिल कर सके।







