भागलपुर।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जदयू में टिकट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। गोपालपुर से जदयू विधायक गोपाल मंडल के तेवर रविवार को अचानक नरम पड़ गए। दो दिन पहले तक वे पार्टी से नाराज होकर इस्तीफे की बात कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे पार्टी में ही बने रहेंगे।
गोपाल मंडल ने मुलाकात के बाद कहा, “हम जदयू में हैं और पार्टी में ही रहेंगे। टिकट बंटवारे का फैसला सोमवार को होगा।”
क्यों नाराज थे गोपाल मंडल?
दरअसल, गोपाल मंडल की नाराजगी की वजह टिकट कटने की आशंका थी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी उनके विवादित बयानों को लेकर बताई जा रही थी। कई मौकों पर उनके बयानों से जदयू को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। इस बीच, पूर्व सांसद बुलो मंडल के जदयू में आने से समीकरण और पेचीदा हो गए।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जदयू गोपालपुर सीट से बुलो मंडल को टिकट दे सकती है। यही खबर गोपाल मंडल की बेचैनी का कारण बनी। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि अगर मुख्यमंत्री उनसे नहीं मिलेंगे तो वे इस्तीफा दे देंगे।
नीतीश से मुलाकात के बाद बदला माहौल
रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद गोपाल मंडल का रुख पूरी तरह बदल गया। करीब आधे घंटे चली बातचीत के बाद उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री हमारे नेता हैं, पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह हमें मंजूर है।”
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान उन्हें किसी न किसी रूप में भरोसा दिलाया गया है। अब उनके तेवरों में संतुलन दिख रहा है और चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा है।
सोमवार को होगा टिकट का फैसला
अब सबकी नजर सोमवार पर टिकी है, जब जदयू उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी। यही तय करेगा कि गोपाल मंडल का टिकट बरकरार रहता है या बुलो मंडल को मौका मिलता है।
फिलहाल, गोपाल मंडल ने संकेत दे दिए हैं कि वे टकराव नहीं बल्कि पार्टी लाइन पर चलने का फैसला कर चुके हैं।






