रायपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बड़ा कदम उठाते हुए दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी या सर्दी-जुकाम की सिरप देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश शिशुओं को संभावित जहरीले रासायनिक तत्वों और दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीला सिरप पीने से अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और सिविल सर्जनों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सरकारी व निजी अस्पताल केंद्र सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सख्त निर्देश
आयुक्तालय स्वास्थ्य सेवाएं ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय वीडियो कांफ्रेंस आयोजित की, जिसमें जिलास्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बच्चों को दवा देने से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों में सामान्य खांसी-जुकाम प्रायः बिना दवा के अपने आप ठीक हो जाता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना सिरप देना खतरनाक हो सकता है।
निरीक्षण और निगरानी तेज
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) शुरू कर दिया है। इसके लिए औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमें बनाई गई हैं।
साथ ही, सभी निजी फार्मेसियों और दवा दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है ताकि बाजार में जहरीली या असुरक्षित दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
सरकारी आपूर्ति में सुरक्षा की पुष्टि
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) ने स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों के खिलाफ अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य सरकार को कोई आपूर्ति नहीं की गई है। ये कंपनियां सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत नहीं हैं, जिससे सरकारी आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है।







