छत्तीसगढ़ ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर नवा रायपुर के अटल नगर में इस कार्यालय का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को न केवल तेज़ और पारदर्शी बनाना है, बल्कि नागरिकों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ एक आरामदायक अनुभव देना भी है।
अब नागरिकों को घर, दुकान या ज़मीन की रजिस्ट्री कराने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। केवल 15 से 20 मिनट में पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। यह कार्यालय पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर आधारित है, जिससे सरकारी सेवाओं में निजी क्षेत्र की दक्षता और तकनीकी सहयोग जुड़ गया है।
आधुनिक सुविधाओं का संगम
स्मार्ट पंजीयन कार्यालय में नागरिकों के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं —
फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन
डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम
कैशलेस पेमेंट, हेल्पडेस्क और एयर-कंडीशंड परिसर
इन सुविधाओं से लोगों को लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी और दस्तावेज़ों की जानकारी तुरंत स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। प्रशिक्षित स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया सहज और पारदर्शी बनेगी।
117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष में 117 पंजीयन कार्यालयों को इसी मॉडल पर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है। नवा रायपुर का कार्यालय इस दिशा में पहला पूर्ण मॉडल है। इसकी सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में ऐसे स्मार्ट पंजीयन कार्यालय खोलने की योजना बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह इस बात का प्रमाण है कि नागरिक सुविधाएं ही सुशासन का मूल आधार हैं।”
राष्ट्रीय रोल मॉडल बना छत्तीसगढ़
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह पहल केवल छत्तीसगढ़ के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए नागरिक सेवाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में इतनी आधुनिक सुविधाएँ लाना एक बड़ा परिवर्तन है जो छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस का अग्रणी राज्य बनाएगा।



