रायपुर जिले में अब भूमि रिकॉर्ड्स की पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले के करीब 53 हजार खसरा नंबरों का डिजिटल सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत जमीनों के वास्तविक मालिक, सीमाएं और भू-प्रयोग की स्थिति की सटीक जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाएगी।
इसके लिए प्रशासन ने पटवारी, आरआई, पंचायत सचिव और REAO (Rural Employment Assistant Officer) को जिम्मेदारी सौंपी है। वे जमीनी स्तर पर सर्वे कर सही जानकारी जुटाएंगे और उसे ऑनलाइन अपडेट करेंगे। पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग अपर कलेक्टर द्वारा की जाएगी ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या देरी न हो।
इस डिजिटल सत्यापन अभियान का मुख्य उद्देश्य भू-अभिलेखों को पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भूमि पर अवैध कब्जा, गलत नामांतरण या फर्जी रजिस्ट्री जैसी समस्याएं न रहें। इस प्रक्रिया से किसानों, भूमि मालिकों और प्रशासन सभी को सुविधा होगी, क्योंकि भविष्य में किसी भी भूमि विवाद का समाधान डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर आसानी से किया जा सकेगा।
यह पहल ई-गवर्नेंस और स्मार्ट एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रायपुर जिले में भूमि प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी।







