सिलघट (भिंभौरी), बेरला–बेमेतरा
गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्वावधान में पावन ग्राम सिलघट सहित तीर-मार क्षेत्र के समस्त क्षेत्रवासियों के तन-मन-धन के भरपूर सहयोग से चार दिवसीय “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” अभियान के अंतर्गत गायत्री महायज्ञ का आयोजन ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुआ।
10 दिसंबर, बुधवार को स्वामी राम बालकदास महाराज जी के आतिथ्य में भिंभौरी के बदना महादेव से पावन ग्राम सिलघट तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस शोभायात्रा में सिलघट के करमा दल, सुवा दल, भिंभौरी के डंडा नृत्य दल तथा भजन-कीर्तन मंडलियों ने सांस्कृतिक छटा बिखेरी।
11 दिसंबर, गुरुवार को 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शांतिकुंज, हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या जी उपस्थित रहे, जिनके पावन सानिध्य और शुभ आशीर्वाद से सभी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

महायज्ञ के तीसरे दिन, 12 दिसंबर को 1500 गर्भवती माताओं का पुंसवन संस्कार सम्पन्न हुआ, जो गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इस प्रकार के पावन आयोजनों की वर्तमान समय में आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन, शनिवार 13 दिसंबर को 108 जोड़ों का सामूहिक आदर्श विवाह सम्पन्न हुआ, जिसने एक और इतिहास रच दिया। इस चार दिवसीय आयोजन में 10,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर इसे सफल बनाया।
दूल्हा-दुल्हनों को आशीर्वाद देने हेतु सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री दीपेश साहू, श्री योगेश तिवारी, श्री अवधेश चंदेल, श्री दुर्गा प्रसाद टिकरिहा, श्री तोरन नायक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारीगण तथा गायत्री परिवार के सभी आत्मीयजन उपस्थित रहे।







