सिंघई (उकवा) स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला में सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेवा पखवाड़ा का उद्देश्य केवल शासन की योजनाओं को आगे बढ़ाना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सेवा को धर्म मानकर समाजहित में योगदान देने की प्रेरणा देना है। भारत की संस्कृति में सेवा को सर्वोच्च धर्म माना गया है, और इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्व धर्म सेवा समिति के सदस्य एवं समाजसेवी संदीप गजभिये, सामाजिक कार्यकर्ता अमन गौतम, वन्यजीव रेस्क्यू टीम के सदस्य प्रदीप कुमार और टीकेश दीप रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बाघ, अजगर, सांप और मोर जैसे वन्यजीवों के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। बच्चों को समझाया गया कि वन्यजीव केवल जंगल का हिस्सा नहीं, बल्कि पर्यावरण की संतुलित व्यवस्था की अनिवार्य कड़ी हैं। इन्हें बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में दो शिशम के पौधे लगाए गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण ने न सिर्फ प्रकृति से जुड़ाव का संदेश दिया बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी-सी पहल भविष्य की हरियाली का आधार बन सकती है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रभारी गीता यादव एवं शिक्षक गण बघेश्वरी नागपुरे, मधु पाटिल, भोजलाल सोनवाने और घनश्याम पटले उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
यह आयोजन इस संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कि सेवा केवल शासन का कार्य नहीं, बल्कि हर नागरिक का धर्म है।



