रायपुर। छत्तीसगढ़ के खेल संचालनालय में गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव भावेश शुक्ला अपने साथियों के साथ सीधे संचालनालय कार्यालय पहुंचे और विभागीय भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया।
प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के अंदर जाकर संचालक और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और सवाल-जवाब किए। लेकिन सवालों से बचते हुए संचालक अचानक नंगे पैर अपने चेंबर से बाहर निकल गईं। इस रवैये से नाराज युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी और करीब एक घंटे तक धरना दिया।

भाजपा नेताओं पर विभाग चलाने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खेल विभाग पर भाजपा पदाधिकारियों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि विभागीय फैसले और टेंडर भाजपा नेताओं की मर्जी से किए जा रहे हैं। यहां तक कि कर्मचारियों को भी भाजपा नेताओं से सीधे आदेश दिए जाते हैं।
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पसंदीदा वेंडर्स को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है और विभागीय अधिकारी भाजपा पदाधिकारियों के इशारे पर काम कर रहे हैं।
संचालक को हटाने और जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि खेल संचालनालय की संचालक को तत्काल बर्खास्त किया जाए और भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही विभागीय घोटालों और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की गई।
इस बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
युवा कांग्रेस की चेतावनी
युवा कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि अगर खेल संचालनालय में चल रहे भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे दोबारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक खेल विभाग में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती।



