रायपुर। सरकार ने अपने ही एक सख्त फैसले पर महज 24 घंटे के भीतर ब्रेक लगा दिया है। सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को बिना अनुमति किसी राजनीतिक या अन्य पद को स्वीकार करने से रोकने वाला हालिया आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने बुधवार को इस संबंध में सभी विभाग प्रमुखों को सूचना भेज दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस आदेश को लेकर उठे विवाद और नाराजगी के बाद सरकार ने फिलहाल इसे रोकने का फैसला लिया है। दरअसल, 21 अप्रैल को जारी निर्देश में साफ कहा गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किसी भी राजनीतिक पद या अन्य संस्था में जिम्मेदारी नहीं ले सकेगा।
इतना ही नहीं, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि शासकीय सेवक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही उन्हें किसी भी राजनीतिक दल या संगठन की सक्रिय सदस्यता से भी दूर रहने के निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा, बिना पूर्व अनुमति के किसी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था, समिति या संगठन में पद ग्रहण करने पर भी रोक लगाई गई थी। विभाग ने यह भी कहा था कि अधिकारी-कर्मचारी ऐसा कोई दायित्व स्वीकार न करें, जिससे उनके सरकारी कामकाज की निष्पक्षता पर असर पड़े।
आदेश में नियमों के उल्लंघन पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। यह निर्देश जीएडी की उप सचिव अंशिका ऋषि पांडेय द्वारा जारी किया गया था और सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों व विभागाध्यक्षों को भेजा गया था।
हालांकि अब विभाग ने साफ कर दिया है कि अगली सूचना तक यह आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। यानी फिलहाल कर्मचारियों को इस सख्ती से राहत मिल गई है।



