उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। पंजाब में अब तक बाढ़ से 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.87 लाख लोग प्रभावित हैं। यहां 4.34 लाख एकड़ क्षेत्र की फसलें बर्बाद हो गई हैं। वहीं हरिद्वार में रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरने से रेल यातायात ठप हो गया और 23 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
पंजाब में फसलों का भारी नुकसान
बाढ़ प्रभावित पंजाब में 25% तक बासमती चावल के निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है। अब तक 23,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा की है। 123 राहत शिविरों में 5,416 लोग ठहरे हुए हैं। सेना, बीएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। धान की फसल प्रभावित होने से करीब 12 लाख टन चावल उत्पादन पर असर पड़ेगा।
हरिद्वार में ट्रैक पर गिरा मलबा, 23 ट्रेनें प्रभावित
सोमवार सुबह हरिद्वार के भीमगोडा रेलवे टनल के पास ट्रैक पर पहाड़ से मलबा गिरा। इसके चलते 11 घंटे तक रेल सेवाएं बाधित रहीं। प्रभावित ट्रेनों में देहरादून-ऋषिकेश, हावड़ा योगनगरी एक्सप्रेस और अमृतसर-देहरादून एक्सप्रेस शामिल थीं। यात्रियों को बसों से गंतव्य तक पहुंचाया गया। शाम तक ट्रैक बहाल कर दिया गया।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बिगड़े हालात
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भूस्खलन और बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हिमाचल में 14 दिन बाद चंबा-भरमौर हाईवे बहाल हुआ है। फिलहाल राज्य में तीन एनएच समेत 744 सड़कें, 959 ट्रांसफार्मर और 472 पेयजल योजनाएं ठप हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान में घर ढहने से दो की मौत
राजस्थान के भरतपुर में भारी बारिश के कारण एक घर गिरने से भाई-बहन की मौत हो गई और परिवार के चार लोग घायल हो गए। वहीं उदयपुर-झाड़ोल हाइवे पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने जलोर, बाड़मेर, जैसलमेर और सिरोही में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
सेना बनी देवदूत
अप्रैल से अब तक सेना ने देशभर में 21,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है। लगभग 126 बचाव टुकड़ियों ने 9,700 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता दी है।



