राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस 2025 का भव्य आयोजन किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी, जबकि प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष समेत केंद्र सरकार के कई मंत्री और सांसद कार्यक्रम में शामिल होंगे।
यह आयोजन भारत के संवैधानिक आदर्शों और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा, जहां पहले लोकसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति संबोधन देंगे, इसके बाद राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा।
समारोह के दौरान सेंट्रल हॉल में कई डिजिटल विमोचन भी किए जाएंगे।
- विधायी विभाग नौ भाषाओं—मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया—में संविधान के नए संस्करण का लोकार्पण करेगा।
- संस्कृति मंत्रालय अपनी विशेष स्मारक पुस्तिका ‘भारत के संविधान से कला और कैलीग्राफी’ (हिंदी संस्करण) जारी करेगा।
इस मौके पर राष्ट्रपति स्वयं संविधान की प्रस्तावना का वाचन करेंगी, जो समारोह का मुख्य आकर्षण होगा।
देशभर में मंत्रालयों, विभागों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय निकायों द्वारा भी इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। आम नागरिकों के लिए भी कई डिजिटल गतिविधियाँ उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं—
- MyGov पोर्टल और संविधान75 वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रस्तावना वाचन
- डिजिटल सर्टिफिकेट और सोशल मीडिया भागीदारी
- “हमारा संविधान – हमारा स्वाभिमान” पर राष्ट्रीय क्विज एवं ब्लॉग/निबंध प्रतियोगिताएँ
- सेमिनार, वाद-विवाद, लघु फिल्में, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पोस्टर/पेंटिंग प्रतियोगिताएँ
इस तरह संविधान दिवस 2025 को देशभर में एक राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें भारत और विदेशों में बसे भारतीय भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।



