छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार देर रात लुत्ती जलाशय का एक हिस्सा टूटने से नीचे बसा इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया। हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों समेत कुल सात लोग बह गए। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो बच्चे और एक ग्रामीण की तलाश जारी है।
मृतकों में सास, दो बहुएं और एक बच्चा शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। देर रात ही बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा, एसपी वैभव बैंकर और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कराया। सुबह से गांववाले भी राहत और खोज अभियान में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
पुराना जलाशय बना हादसे की वजह
बलरामपुर के ग्राम धनेशपुर में 1980-81 में बने इस जलाशय में पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश से पानी भर गया था। मंगलवार सुबह जलाशय से हल्का रिसाव देखा गया, लेकिन जल संसाधन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। शाम होते-होते दबाव बढ़ा और जलाशय का हिस्सा टूट गया। पानी तेज बहाव के साथ नीचे बस्ती में घुस गया और रामवृक्ष नामक ग्रामीण का घर इसकी चपेट में आ गया। रामवृक्ष किसी तरह बच निकले, लेकिन घर में मौजूद उनकी पत्नी, बहुएं और पोते-पोतियां बह गए।
3 लोग अब भी लापता
घटना में एक अन्य ग्रामीण का कच्चा घर और बथान भी बह गया। अब तक 4 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो बच्चे और एक ग्रामीण का कुछ पता नहीं चल सका है। प्रशासन और ग्रामीणों की टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। हादसे में करीब 40-50 बकरियां और कई मवेशी भी बह गए हैं।
गांव वालों का कहना है कि लापता लोग कनहर नदी में बह गए होंगे। घायल रामवृक्ष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके दोनों बेटे रोज़गार के लिए बाहर गए हुए हैं और हादसे के वक्त घर पर मौजूद नहीं थे।







