सुकमा।छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों के दबाव और शासन की पुनर्वास योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सुकमा जिले में एक साथ 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 09 महिला और 11 पुरुष नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सुरक्षाबलों के सामने किया समर्पण
जानकारी के अनुसार, बुधवार को सभी नक्सलियों ने जिला एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस दौरान डीआरजी, जिला बल और सीआरपीएफ की 111वीं, 217वीं, 218वीं, 226वीं बटालियन के साथ कोबरा की 203 बटालियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हार्डकोर महिला नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में कई इनामी नक्सली शामिल हैं। इनमें शर्मिला उर्फ उईका भीमे और ताती कोसी उर्फ परमिला पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, मुचाकी हिड़मा उर्फ बुयूर पर 5 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा 4 नक्सलियों पर 2-2 लाख और 4 नक्सलियों पर 1-1 लाख का इनाम था।
सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ
राज्य सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को “नियाद नेल्लानार योजना” के तहत पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने का आश्वासन दिया है। इसके अंतर्गत उन्हें समाज में दोबारा बसने के लिए सहायता दी जाएगी।
नक्सल उन्मूलन का लक्ष्य
केंद्र और राज्य सरकार ने वर्ष 2026 तक देश से पूरी तरह नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में लगातार सर्च ऑपरेशन, पुनर्वास योजनाएं और सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई जारी है। सुकमा में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण इसी प्रयास की बड़ी सफलता माना जा रहा है।



