त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर मोबाइल अन-रिजर्व टिकटिंग सिस्टम (UTS) सेवा शुरू करने का दावा किया। इस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को लंबी लाइनों से राहत दिलाना और टिकट लेने की प्रक्रिया को आसान बनाना था। इसके तहत टीटीई (TTE) अपने मोबाइल डिवाइस से प्लेटफॉर्म पर ही टिकट जारी कर सकते थे।
लेकिन जब इस सुविधा की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मीडिया टीम स्टेशन पहुँची, तो वहाँ किसी भी टीटीई को इस सेवा का उपयोग करते हुए नहीं पाया गया। न ही कोई मशीन यात्रियों को दिखाई दी। कर्मचारियों से बातचीत करने पर सामने आया कि रेलवे ने जल्दबाज़ी में इस डिजिटल सेवा को लॉन्च तो कर दिया, लेकिन टिकट कैसे काटना है, मशीन का उपयोग कैसे करना है, इसकी ट्रेनिंग अभी तक कर्मचारियों को नहीं दी गई। नतीजा यह हुआ कि यात्री अब भी काउंटर पर लंबी लाइनों में लगकर टिकट खरीदने को मजबूर हैं।
सीनियर डीसीएम अवधेश त्रिवेदी ने बताया कि यह सेवा अभी नियमित रूप से लागू नहीं हुई है। त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने पर ही टीटीई को इन डिवाइस के साथ तैनात किया जाएगा। फिलहाल यह सेवा ट्रायल आधार पर ही चल रही है, इसलिए यात्रियों को हर समय इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।
इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि रेलवे का प्रयास सराहनीय है, लेकिन बिना तैयारी और ट्रेनिंग के शुरू की गई यह सुविधा यात्रियों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रही है। जब तक इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया जाएगा और कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण नहीं मिलेगा, तब तक यह पहल अपने उद्देश्य को सफल नहीं कर पाएगी।







