रायपुर। हांडीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में आज दोपहर 3 बजे सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छसपा, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और छबेस के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य निर्माण सेनानी और छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे ने की।
बैठक में किसानों की समस्याओं और आंदोलन से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव:
- किसानों ने धान का समर्थन मूल्य ₹5500 प्रति क्विंटल करने की मांग दोहराई। बैठक में कहा गया कि 2009 में किसान रथ यात्रा से शुरू हुए आंदोलन के बाद समर्थन मूल्य ₹3200 तक पहुंचा, लेकिन वर्तमान महंगाई (डीजल, पेट्रोल, गैस, किराया और मजदूरी) के अनुसार यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए इसे बढ़ाकर ₹5500 किया जाए।
- महासमुंद जिले में काबिल कास्त भूमि और आदिवासी भूमि से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट को लेकर जिलाधीश द्वारा दिए गए समय पर सहमति बनी। किसानों का प्रतिनिधिमंडल 9 जून को जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट प्राप्त करेगा।
- अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड अवैध नूतन आयरन एवं प्राइवेट लिमिटेड के मालिक निर्णय चौधरी अशोक चौधरी द्वारा झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर सशर्त डायवर्सन जो समाप्त हो गया है इस प्रकरण में प्रदूषण विभाग से एनओसी निर्णय चौधरी द्वारा लिया गया है वह भी फर्जी है उसे भी निरस्त करने जिलाधीश से मांग प्रस्तुत किया जाएगा!
- अनिल दुबे ने घोषणा की कि वे संबंधित मामलों में न्यायालय में आपराधिक प्रकरण दर्ज करेंगे। इसमें एसडीएम भागवत जायसवाल,उमेश साहू,नायब तहसीलदार खीरसागर बघेल,श्रीधर पंडा,पटवारी धर्मेंद्र मन्नाडे, कलेक्टर विनय लहंगे को अपराधी बनाकर खड़ा किया जाने की बात कही गई!
- रायपुर में होने वाले भाजपा राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान किसान संगठन बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे। आरोप लगाया गया कि राज्य में शासकीय, आदिवासी और काबिल कास्त भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बेचा जा रहा है और इसके खिलाफ ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- “छत्तीसगढ़ी महतारी” को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग कौंवाझर क्षेत्र में स्थापना का प्रस्ताव रखा गया।
- छत्तीसगढ़ी महतारी माटी स्वाभिमान अभियान को संगठित रूप से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
- छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता रथ यात्रा के तीसरे चरण को बीज रोपण के बाद कोरबा, जशपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, धमतरी और गरियाबंद जिलों में पूरा किया जाएगा।
- आंदोलन स्थलों पर लगे पंडालों की तीन दिनों के भीतर मरम्मत और मेंटेनेंस कर रिपोर्ट वीडियो के रूप में भेजने के निर्देश दिए गए।
- अगली बैठक 20 जून को आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें कृषि से जुड़ी समस्याओं, बीज और खाद की उपलब्धता पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से अनिल दुबे, बृजबिहारी साहू, श्यामूराम सेन, अशोक कश्यप, चंद्रप्रकाश साहू, नाथूराम सिन्हा, रूपसिग निषाद, धर्मेंद्र यादव, पूनउ सिन्हा, दीनदयाल साहू, श्यामबाई ध्रुव, खेमिन साहू, टुकेश्वरी ध्रुव, रमशिला पटेल, रुक्मिणी यादव, जमुना यदु सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।






