‘संविधान की रक्षा मेरा संकल्प’ — उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने सांसदों को पत्र लिखने की घोषणा की

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

विपक्ष गठबंधन इंडिया (INDIA) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि वह लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को व्यक्तिगत पत्र लिखकर अपनी उम्मीदवारी पर समर्थन की अपील करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें उपराष्ट्रपति बनने का अवसर मिला, तो वे संविधान की पूरी निष्ठा और ईमानदारी से रक्षा करेंगे।

रेड्डी ने बताया कि उनकी संविधान यात्रा 1971 में शुरू हुई थी, जब उन्हें आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया था। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। रेड्डी ने कहा — “मैं किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं रहा हूं और भविष्य में भी किसी दल से जुड़ने का इरादा नहीं है। इसी कारण मैं सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से अपील कर सकता हूं कि वे मेरी उम्मीदवारी को उसके गुणों के आधार पर देखें।”

रेड्डी ने जोर देते हुए कहा कि वह अपनी अंतरात्मा की आवाज के आधार पर सांसदों से समर्थन मांगेंगे और जरूरत पड़ने पर भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात के लिए तैयार हैं।

इससे पहले उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से समर्थन मांगा। ठाकरे ने रेड्डी की उम्मीदवारी का पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि “चमत्कार संभव हैं और एनडीए के वे सांसद जो देश से प्यार करते हैं, वे रेड्डी को वोट दे सकते हैं।” वहीं शरद पवार ने भी रेड्डी को समर्थन दिया और सवाल उठाया कि जब एनडीए उम्मीदवार झारखंड के राज्यपाल थे, तब एक मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी राजभवन में हुई थी, क्या यह दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की गरिमा को दर्शाता है?

रेड्डी ने यह भी साफ किया कि उपराष्ट्रपति चुनाव को “दक्षिण बनाम दक्षिण” की लड़ाई बताना गलत है, क्योंकि यह मुकाबला केवल दो व्यक्तियों के बीच है। उन्होंने कहा — “देश एक है, राष्ट्र एक है।”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment