मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नीट परीक्षा 2026 रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा बार-बार विवादों में आना बेहद गंभीर मामला है और इससे लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कमलनाथ ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। इससे पहले भी कई बार नीट परीक्षा पर सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2015 में एआईपीएमटी परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी, जबकि 2016, 2021 और 2024 में भी पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे। कई राज्यों में गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि परीक्षा प्रणाली में बड़ी खामियां हैं और इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो हर बार सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में व्यापम घोटाले जैसी घटनाओं ने पहले ही शिक्षा और भर्ती व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाया था, और अब उसी तरह की स्थिति राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि उन लाखों छात्रों के साथ अन्याय है जो सालों मेहनत करके डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं। ऐसी घटनाएं देश की चिकित्सा व्यवस्था और युवाओं के भरोसे दोनों को कमजोर करती हैं।



