रायपुर। नगर निगम द्वारा जीई रोड स्थित रजबंधा मैदान के सामने बने शहीद स्मारक भवन के संचालन और रखरखाव के लिए ईओआई (EOI) जारी करने के फैसले का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने इसे शहीदों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए सरकार से इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने उठाई आपत्ति
संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने 27 अगस्त को उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर खंडेलवाल ने कहा कि शहीद स्मारक भवन कोई साधारण इमारत नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान का प्रतीक है। इसे ठेके पर देकर आय का साधन बनाना उन वीरों का अपमान है जिन्होंने देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर किया।
फूड प्लाज़ा बनाने का विरोध
प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि नगर निगम द्वारा इस पवित्र स्मारक को फूड प्लाज़ा में बदलने का कदम असंवेदनशील है। उन्होंने मांग की कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए और स्मारक को उसकी मूल गरिमा के साथ संरक्षित किया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रतिनिधिमंडल की आपत्तियों को गंभीरता से सुना और इस मामले पर उचित विचार करने का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में श्रीमती बबीता नत्थानी, प्रभात केयूर भूषण, केके अग्रवाल, राजेन्द्र उमाठे, पीआर अहीर, चंद्रकांत पांडे, महेश दुबे, राजेन्द्र चतुर्वेदी और प्रवीण दीक्षित शामिल थे।







