भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के ताज़ा बयान ने पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है। अपने पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक उद्योगपति के घर पर बैठक कर समझौता किया था। बैठक में खुद दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे। राजनीतिक हलकों में इस बयान को अडानी समूह की ओर इशारा माना जा रहा है।
राहुल गांधी लंबे समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर उद्योगपतियों, विशेषकर अडानी से नज़दीकी का आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन दिग्विजय सिंह की टिप्पणी को कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी की इस मुहिम को कमजोर करने वाला बयान मान रहे हैं।
पार्टी के भीतर यह भी सवाल उठ रहा है कि दिग्विजय सिंह का यह रुख कहीं भाजपा और मोदी–शाह के हितों को साधने वाला कदम तो नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच असमंजस गहराता जा रहा है कि इस बयान से भाजपा को राजनीतिक फायदा मिलेगा और राहुल गांधी के हमलों की धार मंद पड़ सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद न केवल कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को हिला सकता है, बल्कि बिहार चुनाव 2025 की तैयारियों और पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति पर भी सीधा असर डाल सकता है।







