मध्यप्रदेश में रसोई गैस को लेकर बढ़ती परेशानियों पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक कमलनाथ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रसोई गैस की स्थिति अब सामान्य समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह सरकार की प्रशासनिक नाकामी को उजागर कर रही है।
कमलनाथ ने कहा कि अखबारों और जमीनी रिपोर्टों से साफ हो रहा है कि कई जिलों में घरेलू गैस सिलेंडर तय कीमत से कहीं अधिक दामों पर बेचा जा रहा है। जहां एक सिलेंडर की कीमत करीब 940 रुपये होनी चाहिए, वहीं कई जगह यह 1200 से 1400 रुपये तक ब्लैक में बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया गया था, वे भी अब सिलेंडर भरवाने के लिए परेशान हो रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद भी ओटीपी नहीं आ रहा, डिलीवरी में देरी हो रही है और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि यह समस्या किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। भोपाल, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में लोग गैस सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बाद भी कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर बिना बुकिंग के अधिक पैसे लेकर सिलेंडर देने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता गैस के लिए परेशान है, लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं दिखाई दे रही। उनका आरोप है कि सरकार समस्या का समाधान ढूंढने के बजाय विज्ञापन देकर यह बताने में लगी है कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है।
कमलनाथ ने कहा कि किसी भी जिम्मेदार सरकार का दायित्व होता है कि संकट की स्थिति में तुरंत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन वर्तमान हालात में गैस एजेंसियों पर अव्यवस्था और बाजार में कालाबाजारी बढ़ती नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि रसोई गैस कोई विलासिता की चीज नहीं है, बल्कि हर घर की बुनियादी जरूरत है। जब आम परिवारों को खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, तब यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
कमलनाथ ने कहा कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह संकट और गंभीर हो सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गैस की आपूर्ति बढ़ाने और कालाबाजारी रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।



