भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने राजधानी रायपुर में एक बड़ी सफलता हासिल की। बुधवार को शिक्षा विभाग के बाबू मनोज कुमार ठाकुर को 10 प्रतिशत कमीशन लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह मामला ग्राम पारागांव निवासी शिक्षक चन्द्रहास निषाद से जुड़ा है, जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपाझर, अभनपुर में कार्यरत हैं।
चन्द्रहास ने अपने नवजात शिशु के उपचार में हुए खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विद्यालय प्राचार्य कार्यालय में आवेदन दिया था। लेकिन आरोप है कि इस आवेदन पर कार्रवाई के दौरान बाबू ने 1 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति राशि पर 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिक्षक ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए सीधे एसीबी से शिकायत की।
शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद 21 अगस्त को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। योजना के अनुसार शिक्षक ने बाबू को रिश्वत की राशि सौंपी और जैसे ही पैसे दिए गए, एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। बाबू के पास से 10 हजार रुपये बरामद हुए।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी मनोज कुमार ठाकुर को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कदम मानी जा रही है और इससे सरकारी विभागों में व्याप्त रिश्वतखोरी पर नकेल कसने की उम्मीद जताई जा रही है।






