छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक हेड मास्टर की हैवानियत ने शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर दिया। मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के प्राथमिक पाठशाला कंजिया का है, जहाँ हेड मास्टर हेरालुस एक्का ने दूसरी कक्षा की मासूम छात्रा ललिता यादव को मामूली सी गलती पर इतनी बेरहमी से पीटा कि उसका पैर टूट गया। पीड़ित बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहाँ उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने बच्ची को डंडे से इतनी मार मारी कि उसकी हड्डी तक टूट गई। परिजनों का यह भी कहना है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और पंचायत स्तर पर इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी हेड मास्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
यह घटना न केवल समाज को झकझोर देने वाली है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में कार्यरत कुछ लोग किस तरह अमानवीय कृत्य करने से भी नहीं हिचकिचाते। मासूम बच्चों पर हिंसा करना न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है।
अब समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक इस तरह की दरिंदगी करने की हिम्मत न जुटा सके। यह घटना एक चेतावनी है कि हमें शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।






