रायपुर, 20 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ की राजनीति में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जो राज्य के विकास की दिशा और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती है। हाल ही में हुए विभागों के बंटवारे में मंत्रियों को नई-नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा बल्कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।
इस बंटवारे के अंतर्गत शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी गजेंद्र यादव को दी गई है। शिक्षा किसी भी राज्य की नींव होती है और इस क्षेत्र में सुधार व नवाचार की बड़ी जिम्मेदारी अब गजेंद्र यादव के कंधों पर होगी। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे।
वहीं गुरु खुशवंत को कौशल विकास, रोजगार और अनुसूचित जाति विभाग सौंपा गया है। यह विभाग सीधे तौर पर युवाओं और वंचित वर्ग से जुड़ा है। कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। अगर इन क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो राज्य में बेरोजगारी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। अनुसूचित जाति विभाग की जिम्मेदारी मिलने से सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में भी सकारात्मक प्रयास किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, राजेश अग्रवाल को पर्यटन और संस्कृति विभाग दिया गया है। पर्यटन और संस्कृति न केवल राज्य की पहचान होते हैं बल्कि आर्थिक विकास के भी प्रमुख साधन हैं। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना राजेश अग्रवाल का मुख्य दायित्व होगा। इससे न केवल राज्य की पहचान बढ़ेगी बल्कि रोजगार और आर्थिक अवसर भी सृजित होंगे।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस विभागीय बंटवारे से यह उम्मीद की जा रही है कि नए मंत्रियों के नेतृत्व में राज्य शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। जनता को भी इस बात का विश्वास है कि इन विभागों के कुशल संचालन से विकास की गति और तेज होगी तथा राज्य समग्र रूप से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा।







