25 अगस्त से शुरू होने जा रही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के ड्रॉ का ऐलान बुधवार को हुआ, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों के सामने कठिन चुनौती नजर आ रही है। पुरुष एकल में भारत के लक्ष्य सेन अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा विश्व नंबर-1 चीन के शी युकी के खिलाफ करेंगे। दोनों के बीच अब तक चार मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें शी ने तीन बार जीत दर्ज की है, जबकि लक्ष्य को एक मैच में जीत मिली है।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन, पिछले साल पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल में हार के बाद से फॉर्म में लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। 23 वर्षीय अल्मोड़ा के खिलाड़ी फिलहाल विश्व रैंकिंग में 21वें स्थान पर खिसक चुके हैं और इस सीजन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप का क्वार्टर फाइनल रहा है।
एचएस प्रणय की चुनौती
पुरुष एकल के एक अन्य भारतीय और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता एचएस प्रणय पहले दौर में फिनलैंड के जोकिम ओल्डोर्फ से भिड़ेंगे। हालांकि, जीत मिलने पर उन्हें दूसरे दौर में विश्व नंबर-2 डेनमार्क के एंडर्स एंटोनसन का सामना करना पड़ सकता है।
सिंधू के लिए शुरुआती दौर आसान
महिला एकल में पांच बार की पदक विजेता और 2019 की चैंपियन पीवी सिंधू का पहला मुकाबला बुल्गारिया की विश्व नंबर-66 कालोयाना नलबांटोवा से होगा। हालांकि, प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की विश्व नंबर-2 वांग झी यी से हो सकता है। इस साल सिंधू का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इंडिया ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना रहा है।
सात्विक-चिराग को बाई
पुरुष युगल में भारत की शीर्ष जोड़ी सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को पहले दौर में बाई मिली है। दूसरे दौर में उनका सामना या तो हमवतन हरिहरन अम्साकरुनन–रूबेन कुमार से होगा या चीनी ताइपे की जोड़ी लियू कुआंग हेंग–यांग पो हान से। प्री-क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी का मुकाबला विश्व नंबर-6 लियांग वेई केंग और वांग चांग से हो सकता है, जिनका भारतीय जोड़ी के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 6-2 है।



