नई दिल्ली: गाजा में चल रहे युद्ध और नागरिकों की स्थिति को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बयान पर इजरायल के राजदूत की तीखी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक विवाद को और भड़का दिया है। प्रियंका गांधी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए गाजा में हो रहे नरसंहार और वहां के लोगों की बदतर हालत पर चिंता जताई थी, साथ ही इजरायल पर इसका जिम्मा होने का आरोप लगाया था।
उनकी इस टिप्पणी पर इजरायली राजदूत ने पलटवार करते हुए लिखा, “शर्मनाक बात तो आपकी धोखेबाजी है।” उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने अब तक 25,000 हमास आतंकवादियों को मार गिराया है और गाजा में हुई भारी जनहानि की वजह हमास की रणनीति है, जिसमें वह नागरिकों के बीच छिपकर हमले करता है और पलायन करने वालों या मदद लेने वालों पर गोलियां चलाता है।
कांग्रेस ने इसे भारतीय लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए कड़ी निंदा की। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “नरसंहार के आरोपी देश का राजदूत भारतीय संसद के एक मौजूदा सदस्य को निशाना बनाए, यह असहनीय है। यह लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है। डॉ. एस. जयशंकर क्या इस धमकी भरे बयान पर टिप्पणी करेंगे? क्या भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता अब इजरायल से नियंत्रित होगी?”

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक विदेशी राजदूत द्वारा भारतीय सांसद के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी विशेषाधिकार का गंभीर उल्लंघन है और संसद इसे अनदेखा नहीं कर सकती।
इस बीच, गाजा में हिंसा जारी है। सोमवार को हुई सैन्य कार्रवाई में गाजा शहर में 11 लोगों की मौत हो गई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि उनका लक्ष्य गाजा पर कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे हमास के नियंत्रण से मुक्त कराना है।







