बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर नया मोड़ आ गया है। इस मामले में चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने ईडी को नोटिस जारी करते हुए 26 अगस्त तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। यह याचिका ₹3,200 करोड़ के शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत हुई गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए दायर की गई है।
चैतन्य बघेल के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि ईडी ने गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे उनकी हिरासत गैरकानूनी है। याचिका में यह भी कहा गया कि जेल में साफ पानी और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए जेल अधीक्षक को तुरंत साफ पानी उपलब्ध कराने और चिकित्सा जांच कराने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि ईडी ने पिछले महीने भिलाई स्थित निवास से चैतन्य को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि शराब घोटाले में ₹1,000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी भूमिका है। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, होटल कारोबारी अनवर ढेबर और आईएएस अनिल टुटेजा पहले से जेल में बंद हैं।



