छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला तब सामने आया जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग के नियमों को दरकिनार करते हुए विज्ञापन जारी किया।
मुख्य विवाद:
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नियमों का पालन नहीं किया है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी कर नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया, जिससे पहले से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे नाराज़ होकर अतिथि शिक्षक लामबंद हो गए हैं।
शिक्षकों की मांगें:
सोमवार को अतिथि शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर 6 सूत्रीय मांगें रखीं। इसके अलावा लगभग 16-17 अतिथि शिक्षकों ने राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन और उच्च शिक्षा विभाग को भी ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे भर्ती प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे।
अनदेखी का आरोप:
अतिथि शिक्षकों का यह भी कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय में 9 वर्षों तक सेवा दी है, लेकिन नए विज्ञापन में उनकी सेवाओं और अनुभव को कोई महत्व नहीं दिया गया है। यह न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि नियमों का खुला उल्लंघन भी है।



