प्रियंका गांधी ने एक बार फिर अपनी बेबाकी से सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने भाई के बचाव में उतरीं प्रियंका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए भी वह मानती हैं कि यह अदालत यह तय नहीं कर सकती कि कौन सच्चा भारतीय है और कौन नहीं। उनका यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जहां सरकार पर देशभक्ति के पैमाने तय करने के आरोप लगते रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर कोई सरकार से सवाल करता है, तो वह देशविरोधी नहीं बल्कि एक जागरूक नागरिक है। लोकतंत्र की यही खूबसूरती है कि हर नागरिक को सवाल करने का अधिकार है। उन्होंने पूछा कि सरकार को सवालों से डर क्यों लग रहा है? अगर नीतियां साफ़ हैं और कार्य ईमानदार, तो आलोचना से घबराने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
प्रियंका ने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज सवाल पूछना गुनाह बना दिया गया है और जो भी सत्ता से असहमत है, उसे देशद्रोही बताने की कोशिश की जाती है। यह रवैया न सिर्फ लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, बल्कि देश की आत्मा के खिलाफ भी है।
उनका यह बयान न सिर्फ उनके भाई का बचाव है, बल्कि एक बड़ी वैचारिक लड़ाई की शुरुआत का संकेत भी देता है। यह लड़ाई उस सोच के खिलाफ है जो विरोध और असहमति को देशविरोध मानती है। प्रियंका ने अंत में कहा कि एक सच्चा भारतीय वही है जो अपने देश से प्यार करता है और बिना डरे, बिना रुके, देश को बेहतर बनाने के लिए सवाल पूछता है।



