जन सुराज: प्रशांत किशोर की बिहार को विकसित बनाने की मुहिम

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

बिहार।राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) द्वारा शुरू किया गया ‘जन सुराज’ अभियान अब बिहार की राजनीति में बदलाव और विकास का प्रतीक बन चुका है। यह पहल न केवल जातिवादी राजनीति से ऊपर उठने का आह्वान करती है, बल्कि राज्य को देश के शीर्ष 10 विकसित राज्यों में शामिल करने का संकल्प भी लेती है।

 युवाओं में उम्मीद की नई किरण

बिहार के पढ़े-लिखे युवाओं का एक बड़ा वर्ग अब समझ चुका है कि उनका भविष्य जातिगत समीकरणों में उलझने में नहीं, बल्कि ऐसे संगठनों के साथ खड़ा होने में है जो विकास की बात करते हैं। जन सुराज अभियान इन्हीं उम्मीदों का प्रतीक बन गया है।

 जन सुराज: व्यक्तिगत लाभ से ऊपर

जन सुराज एक ऐसा संगठन है, जो निजी स्वार्थ या लालच से प्रभावित हुए बिना समाज के समग्र उत्थान की बात करता है। प्रशांत किशोर की इस सोच ने बिहार में एक नई राजनीतिक संस्कृति की नींव रखी है। लोगों का विश्वास अब उन पर बढ़ रहा है, जो परिवर्तन की नीयत और नीतियों के साथ आगे बढ़ते हैं।

 3500 किलोमीटर की पदयात्रा बनी आधार

इस अभियान की नींव उस ऐतिहासिक 3500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा से रखी गई, जिसे प्रशांत किशोर ने अक्टूबर 2022 से अक्टूबर 2023 तक चंपारण से शुरू कर पूरे बिहार में पूरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने गांव-गांव जाकर जन संवाद स्थापित किया, लोगों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को सामने रखा।

 बदलाव की ओर बिहार

बिहार की जनता अब बदलाव के मूड में दिख रही है। वोट देने का पैमाना जाति नहीं, विकास और सुशासन बनता जा रहा है। जन सुराज का संदेश है – “समाज का उत्थान ही व्यक्ति का उत्थान है।”
राज्य को गर्त से बाहर निकालने और स्थायी विकास की राह पर लाने के लिए जन सुराज एक वैकल्पिक राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरा है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment